हमारे हरयाणा वालो की भी खाश आदत है
जे कोए आदमी सुतया होगा नी उसने ठा क पूछेगे र सुताया था के

एक भाई का स्टेटस म्हारी के रीस करोगे
हम तो तुड़ी भी 500 रपिये मीटर आला कपडे की पल्ली बना के गेडा हा

सूंडू -बाबू यो साढू का के मतलब हो सै
रामफल- बेटा साढू मतलब एक ए कम्पनी तै धोखा खाए होड़े दो ग्राहक

मास्टर (सुंडू ते ) जिस आदमी ने सुणता कोन्या
उसने अंग्रेजी में के कहवैंगे
सुंडू :- मास्टर जी उसने चाहे मामा कह द्यो
उसने कुणसा कुछ सुनेगा

एक बै क्लास में एक मोलड़ जाट तै मैडम बोली-
बेटा कापी पै ऋषि लिख कै दिखा,
इब जाट नै "ऋ" लिखणा ना आवै था मैडम के मुँह कानी लखा कै बोला
जी ऋषि की जगहां बाबा लिख दयूं तो

वा बोली दारु पीणी छोड़ दें
बस जब पाछे बात ही ना हुई

गर्मी इतनी हो रही सै
कई लोग तो अपने मोबाइल के फिलिप कवर न बीजणा बना रहे सै।

नजरे झुका कर बात कर पगली जितने कपड़े है तेरे पास
उतने तो मै रोज लफड़े मे फाड़ देता हु

हाम उस प्रकार के बालक सां जो घर आल्या न थोडी बार म आया
कह क न 4 5 दिन कुलु मनाली घुम आया करं

सलमान खान - मनै दारू कौनी पी थी उस रात
सरकारी वकील- हां तनै तो Thumbs Up पी रखी थी
अर कीमे तुफानी करन लिक्ड़या था

छोरी तेरा यूँ ब्लॉक करना मेरे खातर कोई बडी बात कोनी
क्यूंकि इस तरहा की कहाणी मेरै गेल 2-4 दिन मै होती रवै है

जिंदल चौक पे लगाई थी एक नेपाली ने मोमोज़ की रेहड़ी
एक ताऊ आ गया खाने और खाते ही बोला रै सुसरे तेरे समोसे तो कच्चे है

Saath agar doge muskrayenge zarur
dosti agar dil se karoge to nibhayenge zarur
Raah me kitne kante q na ho
Awaz agar dil se doge to aayenge zaru

ऐरा की ना गेरा की
ये एकता है हरयाणा के शेरां की

एक प्रेम बज़ट भी बनणा चाहिए
आशकी में भी बहोत खर्चा हो जा सै आजकाल