चाँद में अगर नूर न होता; ये तन्हा दिल मजबूर न होता; हम आपको शुभ रात्रि कहने जरूर आते; अगर आपका घर इतना दूर न होता।

अंग्रेजी में गुड नाईट । हिंदी में शुभ रात्री । उर्दू में शब्बा खैर । कन्नड़ में यारंदी । तेलगू में पदनकोपो । और अपनी स्टाइल में: . . . . . . चल लुढ़क ले अब ।

जब आंसू आए तो रो जाते हैं; जब ख्वाब आए तो खो जाते हैं; नींद आंखो में आती नहीं; बस आप ख्वाबो में आओगें; यही सोचकर हम सो जाते हैं। शुभ रात्रि।

वो फूलों वाला तकिया मोड़ के सोना; सपनों की रजाई ओढ़ के सोना; रात को ख्वाबों में हम भी आएंगे; इसीलिए थोड़ी जगह छोड़ के सोना। शुभ रात्रि!

खुदा हर बुरी नज़र से बचाये आपको; दुनिया की तमाम खुशियों से सजाये आपको; दुःख क्या होता है यह कभी पता न चले; खुदा ज़िंदगी में इतना हंसाये आपको। शुभ रात्रि!

तेरी आरज़ू में हमने बहारों को देखा; तेरी जुस्तजू में हमने सितारों को देखा; नहीं मिला इससे बढ़कर इन निगाहों को कोई; हमने जिसके लिए सारे जहान को देखा। शुभ रात्रि!

चाँद का रंग है White; रात को चमकता है Bright; हमको देता है मस्त Light; मैं कैसे सो जाऊं आपको बिना कहे Good Night। शुभ रात्रि!

इस प्यारी सी रात में; प्यारी सी नींद से पहले; प्यारे से सपनों की आशा में; प्यारे से अपनों को मेरी तरफ से 1 प्यारी सी; . . . . . . शुभ रात्रि।

दीपक में अगर नूर ना होता; तन्हा दिल यह मजबूर ना होता; हम आपको शुभरात्रि कहने आते; अगर आपका घर इतनी दूर ना होता। शुभरात्रि!

जब दुनिया ये कहती है की हार मान लो तब आशा धीरे से कान में कहती है कि एक बार फिर से प्रयास करो । शुभ रात्रि।

दुनियां की भीड़ में मेले ही मेले हैं दिखते साथ है पर सब अकेले हैं। शुभ रात्रि!

चाँदनी रात में सोने से पहले; ख़्वाबों की दुनिया में खोने से पहले; मैंने सोचा तुम्हें याद दिला दूं; मैंने सोचा तुम्हें एहसास दिला दूं; सुसु करके सोना ताकी आपकी बेड गीली ना हो जाये। शुभ रात्रि।

ज़िंदगी के तीन खूबसूरत लम्हे: सुबह की नींद दोपहर की नींद और रात की नींद। शुभ रात्रि!

रात है काफी ठंडी हवा चल रही है; याद में आपकी किसी की मुस्कान खिल रही है; उनके सपनों की दुनियां में आप खो जाओ; आँख बंद करो और आराम से सो जाओ। शुभ रात्रि!

तुमसे दूर जाने का इरादा न था; साथ रहने का वादा न था; तुम याद न करोगे ये जानते थे हम; पर इतनी जल्दी भूल जाओगे अंदाजा न था। गुड नाईट!