ऐसा एक अजब खजाना; जिसका मालिक बड़ा सयाना; दोनों हाथों उसे लुटाए; फिर भी दौलत बढ़ती जाए।

ऐसा कौन सा फल है जो कच्चे में मीठा लगता है और पकने के बाद खट्टा या कड़वा लगता है? बताओ?

सफेद मुर्गी हरी पूंछ; तुझे न आए तो काले से पूछ। बताओ?

सदा ही मैं चलती रहती; फिर भी कभी नहीं मैं थकती; जिसने मुझसे किया मुकाबला; उसका ही कर दिया तबादला; बताओ तो मैं हूँ कौन?

ऐसी कौन सी चीज़ है जो पंख से भी हलकी है पर फिर भी कोई भी इंसान इसे एक मिनट से ज्यादा नहीं पकड़ कर रख सकता?

काली-काली एक चुनरिया जगमग-जगमग मोती; आ सजती धरती के ऊपर जब सारी दुनिया सोती। बताओ क्या?

भूरा बदन रेखाएं तीन; दाना खाती हाथ से बीन। बताओ क्या?

जब ये जलते हैं तो रोते हैं; सब इन्हें जलाकर खुश होते हैं।

कभी बड़ा हो कभी हो छोटा; माह में एक दिन मारे गोता। बताओ क्या?

काला मुंह लाल शरीर कागज़ को वो खा जाता; रोज़ शाम को पेट फाड़कर कोई उन्हें ले जाता!

पीली पोखर पीले अंडे; बताओ जी बताओ; नहीं तो पड़ेंगे डंडे।

तीन अक्षर का उसका नाम उल्टा-सीधा एक समान; आवागमन का प्रमुख साधन बोलो बच्चो उसका नाम?

ऐसी कौन सी जगह है जहाँ पर सड़क है पर गाड़ी नहीं जंगल है पर पेड़ नहीं और शहर हैं पर घर नहीं?

पानी है पर बाहर नहीं; पूंछ है पर बन्दर नहीं; दाढ़ी है पर मूंछ नहीं; आंख है पर जीभ नहीं।

जितनी ज्यादा सेवा करता; उतना घटता जाता हूँ। सभी रंग का नीला-पीला; पानी के संग भाता हूँ। बताओ क्या?