ना हम भगवा रंग छोड सकते हैं
न जीने का ढंग छोड सकते हैं,
अरे फितरत से सिरफिरे हैं हम,
न हौसला-ए-दबंग छोड़ सकते हॆैं
न ही हिंदुत्व छोड़ सकते है ।।।
खून अपना गरम है
क्योंकि हिन्दू अपना धर्म है ।।।

काश पढाई प्यार की तरह होती
पता भी नही चलता और न जाने कब हो जाती
और प्यार पढ़ाई की तरह होता ताकी घर वाले भी बार बार बोलते
कर ले बेटा कर ले आगे काम आएगा

हमारा अंदाज ही कुछ ऐसा है कि हम बोलते है
तो बरस जाते है और खामोश रहते है तो लोग तरस जाते है

किसी को खुश करने का मौका मिले तो खुदगर्ज ना बन जाना ऐ दोस्त
बड़े नसीब वाले होते है वो जो दे पाते है मुस्कान किसी चेहरे पर

पल-पल चेहरे पर मुस्कान रहे हर एक गम से आप अनजान रहें
जिसके साथ महक उठे आपकी जिंदगी खुदा करे आपके पास हमेशा वही इंसान रहे

हमारी सोच और लोगो कि सोच मे बस ईतना हि फर्क हे के
वो सरकारी आदमी बनना चाहते हे और हम सरकार

इन बारिशों से दोस्ती अच्छी नहीं ए मुसाफिर
कच्चा तेरा मकान है कुछ तो ख्याल कर
एक मुसाफिर

उम्र और ज़िन्दगी में फर्क बस इतना
जो तेरे बिन बीति वो उम्र जो तेरे साथ बीति वो ज़िन्दगी

यकीन था कि तुम भूल जाओगे मुझे.,
खुशी है कि तुम उम्मीद पर खरे उतरे.!
पूछा जो हमने किसी और के होने लगे हो क्या ?
वो मुस्कुरा के बोले … पहले तुम्हारे थे क्या .?

एक दिन एसा आयेगा पगली की तू मुझे सामने से Request भेजना चाहेंगी
लेकिन तेरे पास सिर्फ एक ही Option होगा Follow Me.

गरीब से करीब का रिश्ता भी छुपाते है लोग
और
अमीरो से दूर का रिश्ता भी बढ़ा चढ़ा कर बताते है लोग

जिंदगी जीता हुँ खुली किताब की तरह ना कोई फरेब ना कोई लालच
मगर मे हर बाजी खेलता हूँ बीना देखे क्योंकि ना मुझे हारने का गम ना जीतने का जश्न

किसी की मासूम हँसी के पीछे दर्द को महसूस तो कर ऐ दोस्त
सुना है अकसर लोग हँस हँस के खुद को सजा देते हैं

सबकी जिंदगी बदल गयी एक नए सिरे में ढल गयी
कोई gilfriend में busy है कोई बीवी के पीछे crazy हैं
किसी को नौकरी से फुरसत नही किसी को दोस्तों की जरुरत नही
कोई पढने में डूबा है किसी की दो दो महबूबा हैं
सारे यार गुम हो गये हैं तू से आप और तुम हो गये है
कोई hello बोल कर formality करता हैं कोई बात न करने के लिए guilty करता हैं
वक़्त वक़्त की बात हैं किसी ने number save किया
किसी ने अजनबी सा behave किया माना के अब हम साथ नही है
पर चुप चुप रहने भी तो बात नही हैं कभी मिलो तो बोल लिया करो
बंद गांठो को खोल लिया करो शिकायत हो तो दूर करो
पर यारो को खुद से न दूर करो

दिल्लगी कर जिंदगी से दिल लगा के चल
जिंदगी है थोड़ी थोडा मुस्कुरा के चल