जिंदगी में अपनापन तो हर कोई दिखाता है
पर अपना हैं कौन ?यह वक़्त ही बताता हैं

मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना
कभी बात करने की हसरत कभी देखने की तमन्ना

चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही लेकिन
रवैये अजनबी हो जाये तो बडी तकलीफ देते हैं

वो पगली आज बरसो बाद मिली तो गले लगकर खूब रोई में हल्का सा मुस्कुराया
और बोला तुम वही होना जिसने कहा था तुम्हारे जैसे तो हजारो मिलेंगे

हम बेबस हैं बे-परवाह नहीं हम उदास हैं खफ़ा नहीं
कदर करते हैं दोस्तों की दिल से
हम जिंदगी में मजबूर तो हो सकते हैं लेकिन बेवफ़ा नहीं

तु हर साँस के साथ याद आती है
अब तु ही बता तेरी याद को रोक दूँ या अपनी साँस को

तुम भी online मैं भी online..छुप छुपकर देख रहे है..
नो typing.. नो typing..

यही सोचकर कोई सफाई नहीं दी हमने
कि इल्जाम झूठे भले हैं पर लगाये तो तुमने हैं

वो रोए तो बहुत, पर मुझसे मूह मोड़ कर रोए
कोई मजबूरी होगी तो दिल तोड़ कर रोए
मेरे सामने कर दिए मेरे तस्वीर के टुकड़े
पता चला मेरे पीछे वो उन्हे जोड़ कर रोए

ठुकरा दिया तूने अच्छा किया
मुझे मोहब्बत चाहिए अहसान नहीं

मुझे अपने किरदार पे इतना तो यकीन है की
कोई मुझे छोड़ सकता है लेकिन भूल नही सकता

" बड़ा आदमी वो हे ,जो अपने पास बेठे व्यक्ति को छोटा मेहसूस ना होने दे.."

खुशी केवल उन्हीं लोगों को प्राप्त होती है
जो दूसरों को खुश करने में प्रयास karte रहते हैं

कोई खास फर्क नहीं पड़ता अब ख़्वाहिशें अधूरी रहने पर
बहुत करीब से कुछ सपनों को टूटते हुये देखा है मैंने

मुस्कुराने से भी होता है ग़में-दिल बयां
मुझे रोने की आदत हो ये ज़रूरी तो नहीं