खौफ और खून हमेशा आँखों में रखो
क्यूंकि हथियारों से सिर्फ दुश्मनों की हड्डिया टूटती है होसले नही

ये अपना दिल भी बडा बदमाश है
लाख ससमजाया की वो तेरी नही है फिर भी साला उसकी के लिए धडकता है

दुनिया बड़ी ही भूलकड़ है
वह तो उतना ही याद रखती है जितने से उसका मतलब हो

पानी मर्यादा तोड़े तो विनाश और वाणी मर्यादा तोड़े तो सर्वनाश
इसलिए हमेशा अपनी वाणी पर संयम रखो

वैसे तो हम जानी मानी हस्ती नही हैं ना ही बङे आदमी हैं
लेकिन जब भी रास्ते से गुजरते है तो दुश्मन के मुँह से भी निकल जाता है
वाह क्या तेवर है

प्यासी आँखें तड़पता दिल जाते जाते साथ अपने इश्क़ का मंज़र तो ले जा
मेरे क़तल का शक़ जाएगा तुम पर मेरे पहलु से अपना खंज़र तो ले जा

मेरे पापा कहते हैं कि बेटा तू कोई सरकारी नोकरी करने की तयारी कर
लेकिन में पापा को केसे कहु की में तो खुद सरकार बनाना चाहता हूँ

सदा उनके कर्जदार रहिये जो आपके लिए कभी खुद का वक्त नहीं देखता है
और
सदा उनसे वफ़ादार रहिये जो व्यस्त होने के बावजूद भी आपके लिए वक़्त निकालता है।

कटी पतंग का रूख़ तो था मेरे घर की तरफ
मगर उसे भी लूट लिया ऊंचे मकान वालों ने

अभी शीशा हूँ सबकी आँखों में चुभता हूं
जब आईना बनूँगा सारा जहाँ देखेगा

शोख नहीं है मुझे फ़ोटो खिंचाने का, पर क्या करू, मेरी रानी को मेरा फ़ोटो देखे बिना नींद नहीं आती....

मीठा शहद बनाने वाली मधुमक्खी भी डंक मारने से नहीं चुकती
इसलिए होंशियार रहें बहुत मीठा बोलने वाले भी हनी नहीं हानि दे सकते है

कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने
मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये

मुसीबतो से उभरती है शख्सियत यारो,
जो चट्टानों से न उलझे वो झरना किस काम का..

मुद्दतो बाद उस लापरवाह ने, हाल पूछ के बेहाल कर दिया..