तु शायद मुझे भूल गई होगी पगली
पर मेरे Phone काLo©k आज भी तेरे N@Am से ही खुलता है

ऊपर जिसका अंत नहीं उसे आसमां कहते हैं; इस जहाँ में जिसका अंत नहीं उसे माँ कहते हैं। मदर डे मुबारक हो!

इश्क करने से पहले इश्क़ के अंजाम देख लो
फिर भी समझ ना आये तो गजनी और तेरे नाम देख लो

अमीर होता तो बाज़ार से खरीद लाता नकली
गरीब हूँ इसलीये दील असली दे रहा हु

सुना था दिल समंदर से भी गहरा होता है हैरान हूँ
समाया नही इसमे तेरे सिवा और कोई

नफरतों को जलाओ मोहोब्बत की रौशनी होगी
वरना इंसान जब भी जले हैं ख़ाक ही हुए है

जानु बोलने वाली लड़की हो या ना हो
पर ओये हिरो बोलने वाली माँ जरूर है

तुम शराफ़त को बाज़ार में क्यूँ ले आए हो
दोस्त ये सिक्का तो बरसों से नहीं चलता

मज़हब दौलत ज़ात घराना सरहद ग़ैरत खुद्दारी
एक मुहब्बत की चादर को कितने चूहे कुतर गए

उसके नर्म हाथों से फिसल जाती है चीज़ें अक्सर
मेरा दिल भी लगा है उनके हाथो खुदा खैर करे

कल रात मैंने अपने सारे ग़म कमरे की दीवारों पे लिख डाले
बस हम सोते रहे और दीवारें रोती रहीं

गैरों के साथ तेरा हँसना मुझे अच्छा नहीं लगता
लोग जिसे बंदिश कहते हैं वो मेरे प्यार करने का तरीका है

तू हमारी बराबरी क्या करेगी ए pagli
हम तो कूलर में भी Bisleri का पानी डालते है

हफ्ते भर की थकान मिटाने वाला ये रविवार
मेरी माँ के लिए नही आता कभी

समय बहाकर ले जाता है नाम और निशान
कोई वहम में रह जाता है और कोई अहम में