वो नजर कहां से लाऊँ जो तुम्हें भुला दे
वो दुआ कहां से लाऊँ जो इस दर्द को मिटा दे
मिलना तो लिखा होता है तकदीरों में
पर वो तकदीर ही कहां से लाऊँ जो हम दोनों को मिला दे

अगर दिल भर जाए
मेरी दोस्ती से तो बता देना,
ऐ मेरे दोस्तों.....
क्योकि मुझे नफरत तो पसंद हैं
पर दिखावे की मुहब्बत नहीं।

टूट जाता है वो रिशता जो गिरीबी मे खाश होता है
हजारो यार बनते है जब पैसा पास होता है

ये जो तुमने अपना अन्दाज बदला है
वाकई मे बदला है या फिर किसी बात का बदला है

मेरे पास से गुज़र गए मेरा हाल तक ना पूछा
मैं ये कैसे मान जाऊँ वो दूर जा के रोए

जाने क्यूँ अपने हुस्न पर इतना गुरूर है उसे.
लगता है उसका आधार कार्ड अब तक नहीं बना है ...!!

लोगों को फिर से गलतफ़हमि में डाल दिया
ना..◑︿◐
मुस्कुरा के गुजरना जरुरी था क्या?....◑︿◐

ये सांपो की बस्ती है ज़रा देख के चल नादान
यहाँ का हर शख्स बड़े प्यार से डसता है

तू हज़ार बार भी रूठे तो भी मना लूँगा तुझे
मगर देख मुहब्बत में शामिल कोई दूसरा ना

अपनों को याद करना प्यार हैं गैरों का साथ देना संस्कार हैं
दुश्मनो को माफ करना उपकार हैं और आप जैसे दोस्तों को परेसान करना जन्मसिद्ध अधिकार हैं

तेरी बेवफाई से एक सबक तो मिल ही गया ग़ालिब
किसी को इतना टूट के न चाहो की दूसरे की चाहत दिखाई न दे

किसी को ठेस पहुँचाना किसी समुद्र में पत्थर फेंकने के बराबर है
पर क्या हम ये सोचते हैं कि वो पत्थर उसके मन की कितनी गहराई तक गया

ऐ दिल तड़पना बंद कर अब तू रातों को सोता क्यूँ नही
वो भी किसी का हो गया तू भी किसी का होता क्यूँ नहीं

Uth-uth ke kisi ka Intzaar kar ke dekhna
Kabhi tum kisi se Pyaar kar ke dekhna
Kaise toot jaate hain Mohabbat ke rishte
Galtiyan kabhi dochaar kar ke dekhna

यहाँ जीना है तो नींद में भी पैर हिलाते रहिये
वरना दफ़न कर देगा ये शहर मुर्दा समझ कर