आँखों की गहराई को समझ नहीं सकते; होंठों से हम कुछ कह नहीं सकते; कैसे बयाँ करें हम यह हाल-ए-दिल आपको; कि तुम्हीं हो जिसके बगैर हम रह नहीं सकते।

रोज स्टेटस बदलने से जिंन्दगी नहीं बदलती
जिंदगी को बदलने के लिये एक स्टेटस काफी है

वक्त का तकाजा हर फर्ज़ को मजबूर करता है
वरना कौन पिता अपनी चाँद सी बेटी को अपने से दूर करता है

इतनी मोहबत करूँगा की तु खुद कहेगी
की देख वो जा रहा मेरा आशिक़

कभी आंसू तो कभी ख़ुशी देखी
हमने अक्सर मजबूरी और बेकसी देखी
उनकी नाराज़गी को हम क्या समझें
हमने तो खुद अपनी तकदीर की बेबसी देखी

आज दिल में बेचैनी कुछ जादा हो रही है
तुम जहाँ भी हो ठीक तो हो न

कितना प्यार है उनसे काश वो ये जान लें; वो ही है ज़िंदगी मेरी ये बात मान लें; उनको देने को नहीं कुछ पास हमारे; बस एक जान है हमारी जब चाहे मांग लें!

बहुत दूर तक जाना पड़ता है,
सिर्फ यह जानने के लिए, नज़दीक कौन है..

जो दिलो में शिकवे और जुबान पर शिकायते कम रखते है
वो लोग हर रिश्ता निभाने का दम रखते हैं

यूं भी तो राज़ खुल ही जायेगा मोहब्बत का ,
मेहफिल में जो हमारे सिवा सबको सलाम करते हो !

मेरी बहादुरी के किस्से मशहुर थे शहर में
तुझे खो देने के डर ने कायर बना दिया

प्यार कमजोर दिल से किया नहीं जा सकता! ज़हर दुश्मन से लिया नहीं जा सकता! दिल में बसी है उल्फत जिस प्यार की! उस के बिना जिया नहीं जा सकता!

काश आंसुओ के साथ यादे भी बह जाती
तो एक दिन तस्सली से बैठ के रो लेते

काफिला खुशबू का गुजरा है
तुम कहीं आस पास हो शायद

कोई ऐसी सुबह भी मिले मुझे
के मेरी आँख खुले तेरी आवाज से