कौन कहता है के वो मुझसे बिछड़कर खुश है
जरा उसके सामने मेरा नाम तो लेकर देखो

जिंदगी मोहताज नहीं मंज़िलों की वक्त हर मंजिल दिखा देता है; मरता नहीं कोई किसी की जुदाई में वक्त सबको जीना सिखा देता है।

ऐ दिल तड़पना बंद कर अब तू रातों को सोता क्यूँ नही
वो भी किसी का हो गया तू भी किसी का होता क्यूँ नहीं

तुम्हारी याद के सहारे जिए जाते हैं; वरना हम तो कब के मर गए होते; जो जख्म दिल में नासूर बन गए; जख्म वो कब के भर गए होते।

मौत से कहना की हम से नाराजगी खत्म कर ले
वो लोग ही बदल गए जिन के लिए हम जिया करते थे

क्या फर्क है दोस्ती और मोहब्बत मे रहते तो दोनो दिल मे हि है
लेकिन फर्क बस इतना है
बरसो बाद मिलने पर मोहब्बत नजर चुरा लेती है
और दोस्त सीने से लगा लेते है

बहुत दूर है मेरे शहर से तेरे शहर का किनारा; फिर भी हम हवा के हर झोंके से तेरा हाल पूछते है।

जब कुछ सपने अधूरे रह जाते हैं; तब दिल के दर्द आँसू बन के जाते हैं; जो कहते हैं कि हम सिर्फ और सिर्फ आपके हैं; पता नहीं कैसे अलविदा कह जाते हैं।

प्यार करने वालों की किस्मत बुरी होती है; मुलाक़ात जुदाई से जुड़ी होती है; वक़्त मिले तो प्यार की किताब पढ़ना; हर प्यार करने वालों की कहानी अधूरी होती है।

ज़रा देखो ये दरवाज़े पर दस्तक किसने दी है
अगर इश्क़ हो तो कहना यहाँ दिल नही रहता

तु नहि हे रानी या महारानी ये तो नजर गिरी मेरी
तुज पे इस लीये हुए कदर तेरी
वरना तेरे जैसी कितनी आई और चली भी गई...

आपको पाकर खोना नहीं चाहते; इतना खुश होकर अब रोना नहीं चाहते; ये आलम हैं हमारा आपकी जुदाई से; आँखों में नींद है मगर हम सोना नहीं चाहते।

ज़माना बन जाए कागज़ का; और समंदर हो जाए स्याही का; फिर भी कलम लिख नहीं सकती; दर्द तेरी जुदाई का।

ज़ुबान खामोश आँखों में नमी होगी; ये बस एक दास्तां-ए ज़िंदगी होगी; भरने को तो हर ज़ख्म भर जाएगा; कैसे भरेगी वो जगह जहाँ तेरी कमी होगी।

कौन पूछता है पिंजरे मे बंद पंछियों को
याद तो वही आते है जो उड जाते हैं