मैंने पूछ लिया क्यों इतना दर्द दिया कमबख़्त तूने
वो हँसी और बोली मैं ज़िंदगी हूँ पगले तुझे जीना सिखा रही थी

कह देना तेरी गली मे रहने वालो से कि अपनी औकात मे रहै
वरना जिस दिन ये कमीना बिगडा ना तो शहर भी अपना और तू भी अपनी

लड़कियाँ 1000 का फेशियल, मेकअप कराने के बाद भी मायावती जैसी ही दिखती है।
वही हम लड़के 20 रु की शेविंग कराने के बाद
टॉम क्रूज वाला लुक दे डालते है।

चलती फिरती आँखों से अजां देखी है
मैने ज़न्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है

जब मैं डूबा तो समुन्दर को भी हैरत हुयी
अजीब शख्स है किसी को पुकारता भी नहीं

‎बदमाशी‬ की बात ना कर ‎बावली बुच

वो तो ‪‎लङाई‬ झगङे छोङ रखे है
नही तो तेरे जैसै FUKRE को हम
बिना कोई ‪कसूर‬ के ‎पीट‬ देते है

मंजिल मिले ना मिले ये मुकद्दर की बात है
हम कोशिश भी ना करें यह तो गलत बात है

सच बोलने में या सुनने में कोई दिक्कत नहीं है
बस हज़म करने में दिक्कत होती है

लाखो दर्द छिप जाते है ऐक लम्हा इश्क़ में
लाखो खुशिया मिट जाती है ऐक लम्हा जुदाई में

ना पुंछ मेरी तन्हाइ के आलम का दर्द
अगर बयान कर दूँगा ताे ये मुर्दे भी राे देंगे

आजकल की लडकियों के हैण्ड बैग देखकर समझ नहीं आता कि
कॉलेज ऑफिस जा रही है या सब्जी खरीदने

मेरी हर आह को वाह मिली है यहाँ
कौन कहता है दर्द बिकता नहीं है

जीत लू तुझे जमाने की हर ताकत से
इक बार जो तू आमीन कह दे मेरी दुआ के बाद

वक्त कम है जितना दम लगाना है लगा दो
कुछ लोगो को मैं जानती हूँ कुछ लोगो को तुम जना दो

बस अब लकीर उलझी हुई है लकीर से
हाथों से ले गया है नसीब कोई