मतलबी लोग भी, रिश्ते भी और मुहब्बत भी
करना चाहें भी तो किस तरह भरोसा कर लें

टूटता हुआ तारा सबकी दुआ पूरी करता है..
क्यों के उसे टूटने का दर्द मालूम होता है….!
गुड नाईट

ऐसे मत देख पगली ÐiL हार जाएगी
बस अब और मत देख वरना Mummy से मार खाएगी

याद आयेगी मेरी तो बीते कल को पलट लेना
यूँ ही किसी पन्ने में मुस्कुराता हुआ मिल जाऊंगा

कैसी बातें करते हो साहब मैं लफ़्ज़ों से भी ना खेलूँ
ज़माना तो दिलों से खेलता है

माना कि जीत की आदत है मग़र
रिश्तों में हार जाना बेहतर होता है

SuN pagli वो तो बस ÐiL की ख्वाहिश थी तू
वरना मेरे शौक तो आज भी तेरी औकात से बङे हैं

समझदार आदमी से की गयी कुछ मिनिट की बात
हज़ारो किताबे पढ़ने से कही बेहतर होती है

कभी ऐसा भी हो के हम सोचे तुम्हें
और तुम अचानक आकर हमें अपनी बाहों में भर लो

हमे दुवाए दिल से मिली है
कभी खरीदने को जेब में हाथ नही डाला

मुझे कहनी है तुमसे इक बात
दास्तान लबो से सुनोगे या निगाहो से

एक बार खुदा की होकर तो देख
फिर जानेगी तू अपना हुनर ...!!!

हाथ मे बस एक बासुँरी कि कमी है वरना
गोपिया हमने भी कई फसाई है

किसी की इतनी बददुआ भी मत लो
के लोग दुआओं में तुम्हारी मौत मांग

वो मतलब से मिलते थे और हमे तो बस मिलने से मतलब था !!!