जिंदगी एक सफर है आराम से चलते रहो; उतार चढ़ाव तो आते रहेंगे; बस आप गियर (Gear) बदलते रहो। शुभ दिन।

दीपक में अगर नूर न होता; तनहा दिल मजबूर न होता; हम आप को शुभ दिवस कहने ज़रूर आते; अगर आपका घर इतनी दूर न होता!

क्या दुआ करूँ मैं मेरे अपनों के लिए ऐ खुदा; बस यही दुआ है कि मेरे अपने कभी किसी दुआ के मोहताज़ न हो। शुभ दिन।

लबो पे मुस्कान आँखों में ख़ुशी; गम का कहीं काम न हो! हर दिन लाये आपके जीवन में इतनी खुशियाँ; जिसके ढलने की कोई शाम न हो!

बिन सावन बरसात नहीं होती; सूरज डूबे बिना रात नहीं होती; क्या करें कुछ ऐसे हालात हैं; आपकी याद बिना दिन की शुरुआत नहीं होती। शुभ दिवस।

सूरज की पहली किरण ख़ुशी दे आपको; दूसरी किरण हंसी दे आपको; तीसरी कामयाबी दे आपको; चौथी तंदरुस्ती दे आपको; इतना काफी है वर्ना गर्मी लग जायेगी आपको। शुभ दिवस।

सजती रहे खुशियों की महफ़िल; लेकिन हर ख़ुशी सुहानी रहे; आप जिंदगी में इतने खुश रहें; कि हर ख़ुशी आपकी दीवानी रहे। शुभ दिन।

फूलों ने अमृत का जाम भेजा है; सूरज ने गगन से सलाम भेजा है; मुबारक हो आपको नयी सुबह; तहे-दिल से हमने ये पैगाम भेजा है! शुभ दिवस!

मांगी थी दुआ मैंने रब से; देना कुछ ऐसा जो हो अलग सबसे; मिला दिया हमको उसने आपसे; और कहा संभालो यही है अनमोल सबसे। शुभ दिन।

दोस्ती कोई खोज नहीं होती; यह हर किसी से हर रोज नहीं होती; अपनी जिंदगी में हमारी मौजूदगी को बेवजह मत समझना; क्योंकि पलके कभी आँखों पर बोझ नहीं होती! शुभ दिवस!

वक़्त और समझ किस्मत वालों को ही मिलता है। क्योंकि वक़्त हो तो समझ नहीं आती और समझ आती है तो वक़्त नहीं होता। शुभ दिन!

अगर एक हारा हुआ इंसान हारने के बाद भी हँसता रहे तो जीतने वाला अपनी जीत की ख़ुशी खो देता है। क्योंकि मुस्कान में बहुत शक्ति होती है। काश आपका जीवन मुस्कानों से भरा रहे। शुभ दिन।

आपका मुस्कुराना हर रोज़ हो; कभी चेहरा कमल तो कभी रोस हो; 100 पल ख़ुशी 1000 पल मोज हो; बस ऐसा ही दिन आपका हर `रोज़` हो! शुभ दिवस!

इंसान तब समझदार नहीं होता जब वह बड़ी-बड़ी बातें करने लगे बल्कि तब होता है जब वह छोटी छोटी बातें समझने लगे। शुभ दिवस!

चाय के कप से उठते धुंए में तेरी शक्ल नज़र आती है; तेरे ख्यालों में खोकर अक्सर मेरी चाय ठंडी हो जाती है! शुभ दिवस!