तू इतना प्यार कर जितना तू सह सके,
बिछड़ना भी पड़े तो ज़िंदा रह सके..!

दादागिरी तो हम मरने के बाद भी करेंगे
लोग पैदल चैलेगे और हम कंधो पर

मंजिले कितनी भी ऊँची हो,
पर रास्ते हमेशा पैरो के नीचे होते है....

मुझे यकीन है मोहब्बत उसी को कहतें
है
!
के जख्म ताजा रहें निशान चला जाये

सिमट गया मेरा प्यार भी चंद अल्फाजों में, जब उसने कहा मोहब्बत तो है पर तुमसे नहीं.

रब ने जो रिश्ता आसमान पर लिखा है
उसे दुनिया मे निभाना है
एक नाम तुम्हारा लिखना है
एक नाम हमे बन जाना है

आपको ज़ीद हे अगर हमे भूलने की तो, हमे भी ज़ीद हे आपको अपनी याद दिलाने की !!

ख़ुदा तूने तो लाखों की तकदीर संवारी है...
मुझे दिलासा तो दे, के अब मेरी बारी है...!

अब तेरा नाम हथेलियों पर नहीं लिखते हम…
कारोबार में सबसे हाथ मिलाना पड़ता है।।

ताकत के संग नेक इरादे भी रखना
वरना ऐसा क्या था जो रावण हार गया
er kasz

हो सके तो अब के कोई सौदा न करना;
मैं पिछली मोहब्बत में सब हार आया हूँ

शब्द पहचान बने मेरी तो बेहतर है
चेहरे का क्या है वो तो इक दिन साथ ही जायेगा मेरे !

मेरे जनाजे में सारा शहर निकला मगर कम्खत वोह ना निकली
जिसके लिए मेरा जनाजा निकला था

ये बात कैसे गंवारा करेगा दिल मेरा
कि तेरा नाम किसी गैर की जुबान पे हो

वो ढूँढ रहे थे हमसे दूर जाने के बहाने..
मेने सोच खफा होके उनकी मुश्किले आसान कर दूँ..