ऐसा है यह अजब खजाना; मालिक इसका बड़ा सयाना; खूब लुटाए इसको वो; फिर भी खुश होता जाये वो।

सुंदर-सुंदर ख्वाब दिखाती; पास सभी के रात में आती; थके मान्दे को दे आराम; जल्द बताओ उसका नाम।

एक थाल मोतियों से भरा; सबके सिर पर उल्टा धरा; चारों ओर फिरे वो थाल; मोती उससे एक ना गिरे। बताओ क्या?

वो क्या है जो ट्रेन के साथ आती है ट्रेन के साथ जाती है उसका ट्रेन को कोई फायदा नहीं फिर भी ट्रेन उसके बिना नहीं चल सकती?

लाल घोड़ा रुका रहे काला घोड़ा भागता जाए। बताओ क्या?

जो मुझे बनाता है वही मुझे सुन पाता है मैं क्या हूँ?

खरीदने पर काला जलाने पर लाल और फेंकने पर सफ़ेद। बताओ क्या?

छोटी सी छोकरी लालबाई नाम है; पहने है घाघरा एक पैसा दाम है।

ऐसी कौन सी खोज है जिसके कारण हम दीवार के पार भी देख सकते हैं?

कर बोले कर ही सुने; श्रवण सुने नहीं थाह; कहें पहेली बीरबल; बूझो अकबर शाह।

ऐसी कौन सी चीज़ है जिसके पास गर्दन तो है लेकिन सिर नहीं?

काली काली माँ; लाल लाल बच्चे; जिधर जाए माँ; उधर भागे बच्चे।

वो क्या जिसमे बहुत सारे छेद हैं फिर भी पानी को रोक लेता है?

जितना ज्यादा मैं बढूंगा उतना कम आप देख पाओगे। मैं क्या हूँ?

अगर एक मुर्गा सुबह अंडा देता है तो उसके मालिक को वो कब मिलेगा?