दीपक अगर नूर ना होता; तन्हा दिल मजबूर ना होता; हम आपको गुड नाईट कहने आते; अगर आपका आशियाना इतना दूर ना होता। शुभ रात्रि!

अगर रात को कोई तुम्हारे बिस्तर पे आये; तुम्हारे गालों को चूमे; तो रोमांटिक मत होना; आल आउट (All Out) जला देना और सो जाना। गुड नाईट!

दिल से निकली है दुआ हमारी; जिन्दगी में मिले आपको खुशियां; गम न दे खुदा आपको कभी; चाहे तो एक ख़ुशी कम कर ले हमारी। शुभ रात्रि!

ज़िन्दगी में किसी का साथ काफी है; हाथों में किसी का हाथ काफी है; दूर हो या पास फर्क नहीं पड़ता; प्यार का तो बस अहसास ही काफी है।

शाम के बाद जब आती है रात; हर बात में समा जाती है तेरी याद; होती बहुत ही तनहा ये जिंदगी; अगर न मिलता कभी जो आपका साथ। शुभ रात्रि!

चाँद ने अपनी चांदनी बिखेरी है; और तारों ने आसमान को सजाया है; कहने को आपको शुभ रात्रि; देखो रात का फरिश्ता आया है। शुभ रात्रि!

फूलों की तरह महकते रहो; सितारों की तरह चमकते रहो; किस्मत से मिली है ये ज़िंदगी; खुद भी हँसो और औरों को भी हँसाते रहो। शुभ रात्रि!

चाँद के लिए सितारे अनेक हैं; लेकिन सितारों के लिए चाँद एक है; आपके लिए तो हज़ारों होंगे; लेकिन हमारे लिए आप ही एक हैं! शुभ रात्रि!

चाँद को बैठाकर पहरों पर; तारों को दिया निगरानी का काम। एक रात सुहानी आपके लिए; एक सुनेहरा सपना आपकी आँखों के नाम। शुभ रात्रि।

चाँद को भेजा है पहरेदार; तारों को सौंपा है निगरानी का काम; रात ने जारी किया है ये फुरमान; कि सारे मीठे सपने हों आपके नाम। शुभ रात्रि!

प्यारी सी रात में प्यारे से अँधेरे में; प्यारी सी नींद में प्यारे से सपनों में; प्यारे से दोस्त को प्यारी सी शुभ रात्रि! शुभ रात्रि!

या रब तू अपना जलवा दिखा दे; उनकी ज़िंदगी को भी अपने नूर से सज़ा दे; बस इस दिल की यही दुआ है ऐ मालिक; उनके सपनो को तू हक़ीक़त बना दे। शुभ रात्रि!

चुपके से सुनो धीरे से गिनो; एक छोटी सी बात हो गई है रात; सो जाओ प्यार से सपनों के साथ; बंद करो लाइट मुझे आपसे कहना है गुड नाईट ! शुभ रात्रि!

ओ जाओ सो जाओ मुझे गुड नाईट कहे बिना सो जाओ; रात की रानी आएगी धक्का दे कर जाएगी; बिस्तर से आपको गिराएगी; फिर सारी नींद उड़ जाएगी! शुभ रात्रि!

हर रिश्ते में विश्वास रहने दो; जुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो; यही तो अंदाज़ है जिंदगी जीने का; न खुद रहो उदास न दूसरों को रहने दो। शुभ रात्रि!