जब देखा उन्होंने तिरछी नजर से तो हम मदहोश हो गए
पर जब पता चला कि उनकी नजरे ही तिरछी है तो हम बेहोश हो गए

हर कर्ज दोस्ती का अदा कौन करेगा हम ना रहे तो दोस्ती कौन करेगा
ऐ खुदा मेरी शादी में डांस कौन करेगा

मुफ्त नहीं पैसे देकर मैंने खाए अंगूर
पीछे उसके फिरते हुए तू लगता है लंगूर

सुनो तुम चाय अच्छी बनाती हो
पर मुंह बनाने मे भी तुम्हारा कोई जवाब नही

होते है आज मर्द अपने बीबी के गुलाम
बीबी के शोक को पूरा करते हैं सुबहो शाम

इस जवनी में हजरते साजन
फिक्र उकवा जरा नहीं होता