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Two Lines
Sad Shayari
न जाने क्यूँ ये रात उदास
न जाने क्यूँ ये रात उदास
न जाने क्यूँ ये रात उदास कर देती है हर रोज
महसूस होता है जैसे भूल रहा है कोई धीरे धीरे
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