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Two Lines
Sad Shayari
मालूम नहीं क्यूँ मगर कभी कभीअल्फाजों
मालूम नहीं क्यूँ मगर कभी कभीअल्फाजों
मालूम नहीं क्यूँ मगर कभी कभी
अल्फाजों से ज्यादा मुझे तेरा नाम लिखना अच्छा लगता है
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भूल जाना तुम मुझे पर ये
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हंसी आती ये सोचकर कि दर्द
Ab Wahan Yaadon Ka Bikhra Howa
कितने बेबस हैं तेरी चाहत मेंतुझे
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