Maa haQ se rok deti hai khuda ko
Jab batt uski ulad par ati hai

सो जाता है वो मालकिन की गालियाँ खा कर
सबके नसीब में माँ की लोरियाँ नहीं होती

छोटा बनके रहोगें तो, मिलेगी हर बड़ी रहमत दोस्तों
बड़ा होने पर तो माँ भी, गोद से उतार देती है..!!
#sam

जो हर सुबह सूरज से पहले उठ के मेरे लिए प्यार का डिब्बा भरती है
वो है मेरी माँ

सुबह सवेरे उठ जाती है देर रात को सोती है
कभी न छुट्टी कर पाती है माँ ऐसी ही होती है

उन पाक़ नज़रों से बचकर कभी निकल नहीं सका
दुनिया जीत ली मैंने मगर "माँ" को छल नहीं सका

आसमान मे उडने वाले जरा यह खबर भी रख
जन्नत पहुंचने का रास्ता सिर्फ ‪माँ‬ के चरणों से होकर गुजरता है