हम गरीब लोग है किसी को मोहब्बत के सिवा क्या देंगे.
एक मुस्कराहट थी, वह भी बेवफ़ा लोगो ने छीन ली.,

मेरे लिए इतनी लम्बी उम्र की दुआ मत मांग .
ऐ दोस्त
कहीं ऐसा ना हो के तू भी छोड़ दे और मौत भी ना आये.

कुछ दर्द मुझे तू सहने दे, अंदर से जिंदा रहने दे,
आँखें बंजर हो जाएंगी, कुछ अश्क मेरे तू बहने दे..Er kasz

पत्थर सा हो गया हूँ मै दर्द तुम्हारा सह सहकर साहिबा
वर्ना तो हम भी रोए है अपने घुटनो पर सर रखकर

लुटा चुका हूँ बहुत कुछ, अपनी जिंदगी में यारो,
मेरे वो ज़ज्बात तो ना लूटो, जो लिखकर बयाँ करता हूँ.

आँसू निकल पड़े ख्वाब में उसको दूर जाते देखकर,
आँख खुली तो एहसास हुआ इश्क़ सोते हुए भी रुलाता है !

दोस्त तुम पत्थर भी मारोगे तो भर लेंगे झोली अपनी,
क्योंकि हम यारों के तोहफ़े ठुकराया नहीं करते !! Er kasz

बीत जाती है जिसकी पूरी रात सिसकियों में,
वो शख्स दिन के उजालों में सारे जहाँ को हँसाता फिरता हैं...!!

तेरी यादों के संग बरसती रही अश्कों की बारिश.
भीग गई हथेलियाँ ढूंढते ढूंढते लकीरों में तेरा नाम.!Er kasz

☄मेरे अलावा किसी और को अपना इश्क़ बना कर देख ले..
तेरी हर धड़कन कहेगी उसकी वफ़ा मैं कुछ और बात थी !! ☄ er kasz

ये मोहब्बत के हादसे अक्सर दिलों को तोड़ देते हैं
तुम मंज़िल की बात करते हो लोग राहों में छोड़ देते हैं

मैं कैसे यकीन कर लूँ कि मुझसे मोहब्बत नही थी उनको
सुना है आज भी वो रोती है मेरी तस्वीर सीने से लगा कर

तुझे तो हमारी मोहब्बत ने मशहूर कर दिया बेवफ़ा ….
वरना तू सुर्खियों में रहे तेरी इतनी औकात नहीं……! Er kasz

जाने कब कब किस किस ने कैसे कैसे तरसाया मुझे
तन्हाईयों की बात न पूछो महफ़िलों ने भी बहुत रुलाया मुझे

तुम क्या जानो हम अपने आप में कितने अकेले हैं .
पूछो उन रातों से जो रोज़ कहती हैं खुदा के लिए आज तो सो जाओ..!!