Na rha kro udas kisi bewaffa ki yad mein
Wo khush hai apni duniya mein Teri duniya ujar kr
er kasz

Naraj ho jatye h wo waffa ki bat krta hu jab unse
Lgtta hai unhye bewafai se bahut pyar hai
er kasz

Kuch Nahi Milla Bus Aik Sabbaq De Gaya Ishq
Khak Hojata Hai Insan Khak Se Bane Insan K Pichay
er kasz

Socha tha aj ki rat Sab ko dard byan krege
Kya Mera dard bedard tha Jo tum apna na sunane chale
er kasz

तुम्हे तो भूल गयी
तेरी यादो को कैसे भुलु .

मोहब्बत की दहलीज का उसूल है
मुडकर देखोगे तो आँखें भर आयेगी

रुक गयी आज ये कहकर, कलम मेरी,
एहसास कीमती हैं, ज़रा कम खर्च करो!!Er kasz

इश्क़ वो खेल नही जिसे बच्चे खेले
जान निकल जाती है सदमे सहते सहते

मेरी हालत पर तरस न खाया न आपने
चाँद भी मुस्कुराता रहा मेरे सामने

खामोशी भी बहुत कुछ कहती है.
पर कान नहीं दिल लगाकर सुन्ना पड़ता है..

में कैसे उस शख्श को रुला सकता हुँ,,,
जिस को खुद मेने रो रो के मांगा हो

जान लेने पे तुले हे दोनो मेरी
इश्क हार नही मानता दिल बात नही मानता

मेरी वह बाते जो तुमको हासया करती थी
कभी वोह बाते रुलाये तो लौट आना

जिनके चेहरे अक्सर मुस्कुराते हैं
उनकी आँखें हमेशा उदास होती हैं

देख जिँदगी तू हमे रुलाना छोड दे
अगर हम खफा हूऐ तो तूझे छोड देँगे
Er kasz