मुमकिन है कि तेरे बाद भी आती होंगी बहारें
गुलशन में तेरे बाद कभी जा कर नहीं देखा

☄एक बार भूल से ही कहा होता कि हम किसी और के
भी है
.
खुदा कसम हम तेरे साये से भी दूर रहते.. ☄ Er kasz

रोता वही है जिसने महसूस कि हो सच्ची मोहब्बत को
वरना मतलब के रिश्तें रखने वाले को तो कोई भी नही रूला सकता

Meri waffa se jyada kimat to
Us bewaffa ki kahaniya kmma gyi
Er kasz

Meri ankho me chupi udase ko mahsus to kar
Ham vo he Jo sab ko HSA kar raat bar rote he

Umar bhar ek hi Gila rahega Us se
wo kabhi mai or tum ko Hum na kar saka
Er kasz

Bewaqt Bewajha Besabab Si Berukhi Teri
Or Fir Bhi Tujhe Beinteha Chahne Ki Bebasi Meri
Er kasz

Tere na hone se zindagi mein bus itni si kami rehti hai
Main chahe lakh muskurau in ankho mein nami rehti hai

Chaale Jayenge Ek Din Hum Tujhe Tere Haal pe Chod kar E Sitaamgar
Kadaar Kya Hoti Hai Tuje Waqt Sikhaa Degaa
Er kasz

दोस्ती और दुश्मनी मजेदार हैं बस निभाने का दम होना चाहिए !! Er kasz

भरोसा जितना कीमती होता है...
धोखा उतना ही महंगा हो जाता है...Er kasz

शेर हर कोई नही होता
क्यों की शेर नाम से नही काम से जाना जाता है
G.R..s

जनाजा उठा है आज कसमों का मेरी
एक कन्धा तो तेरे वादों का भी बनता है

बना कर छोड़ देते हैं अपनी ज़ात का आदि
कुछ लोग यूँ भी इंतकाम लेते हैं

मत पूछ दास्तान ऐ इश्क
जो रूलाता है, उसी के गले लगकर रोने का मन करता है