यह दुनिया भी कितनी अजीब है दोस्तों
आदमी से भरी आदमी की ही कमी है

हमें भी आते है अंदाज़ दिल तोड़ने के
हर दिल में ख़ुदा बसता है यही सोचकर चुप हूँ मैं

जिन्दगी की उलझनों ने कम कर दी हमारी शरारते
और लोग समझते हैं कि हम समझदार हो गये
er kasz

मिल सके आसानी से उसकी ख्वाहिश किसे है
ज़िद तो उसकी है जो मुकद्दर में लिखा ही नहीं
G.R..s

किसी के दिल में क्या छुपा है, ये बस खुदा ही जानता है.
दिल अगर बेनकाब होता, तो सोचो कितना फसाद होता.
Er kasz

Maa haQ se rok deti hai khuda ko
Jab batt uski ulad par ati hai

Alvida hote hue unse koi nishani mangi
wo muskurakar bole judai kafi nahi hai kya

Rani nahi apne pas abhi to kya hua
ye badshah aaj bhi lakho dilo par raj karta hai

ये मुहब्बत भी है क्या रोग

जिसे भूले वो सदा याद आया

दिल तो करता है चिर के रख दू ऐ दिल तुझे
ना तू रहे मुझ में ना वो रहे तुझ में

तु हर साँस के साथ याद आती है अब तु ही बता
तेरी याद को रोक दूँ या अपनी साँस को

चलो माना की हमें प्यार का इजहार करना नही आता
जज़्बात ना समझ सको इतने नादान तो तुम भी नही
er kasz

खिलौने गुब्बारे और चॉकलेट सब लेकर देख लिए मैंने
उम्र ए जवानी फिर न मुस्कुरायी कभी बचपन की तरह

जिदंगी में कभी किसी बुरे दिन से रूबरू हो जाओ
तो इतना हौंसला जरुर रखना की दिन बुरा था जिंदगी नहीं

हर कोई मुझे जिंदगी जीने का तरीका बताता है
उन्हे कैसे समझाऊ की एक ख्वाब अधुरा है मेरा वरना जीना तो मुझे भी आता है.