हमने खुशियोँ की तिजोरी उनके हवाले की थी,
लेकिन कमबख्त को मेरी हंसी ही चुरानी थी!!

मयखाने से पूछा आज इतना सन्नाटा क्यों है
बोला साहब लहू का दौर है शराब कौन पीता है
Er kasz

फिर नहीं बस्ते वो दिल जो एक बार उजड़ जाते हैं,
कब्रे जितनी भी सजा लो, कोई ज़िंदा नहीं होता .

मंज़िलों से गुमराह भी ,कर देते हैं कुछ लोग ।।
हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं होता !!Er kasz

अगर किसी दिन रोना आये तो कॉल करना,
हसाने की गारंटी नही देता हूँ, पर तेरे साथ रोऊंगा जरुर !

प्यार मोहब्बत आशिकी..
ये बस अल्फाज थे..
मगर.. जब तुम मिले..
तब इन अल्फाजो को मायने मिले !!
•• Er kasz

मेरे ख्वाबों की दुनिया आबाद तुझसे है
तुझे कैसे मैं बताऊँ की मेरी हर धड़कन की आवाज तुझसे है
er kasz

जहां हो, जैसे हो, वहीं ....वैसे ही रहना तुम ,
.
तुम्हें पाना जरुरी नहीं....तुम्हार
ा होना ही काफी है...!! Er kasz

बरबाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को,
क्यूकि इश्क़ हार नही मानता और दिल बात नही मानता....

Roti rahi sarri ratt vo islaiye
Jo pyas bhuj jaye uske bache ki

Shukar hai uska jo apni yaden chor gae
jinda lash ko jine ka bhana de gae

Zindgi Tu Etna mat ettraa
Tu Bhi badlegi mere waqt ki trah
Er kasz

Chala tha zikr apno ki be’wafai ka
So aa gya hai tumhara khyal waisay he.

Bahut yaad aati hai uss bewaffa ki yaaro
Dua kro meri yaadash chli jaye
er kasz

Hum un say miley to kuch keh na sake
Khushi itni thi ki mulaqat ansoo ponchtey he guzar gai