रहते है वो किसी की याद में या आता है कोई उनके ख्वाब में
पर यक़ीनन इतना हसीन मुकाम नही लिखा हमारे नसीब में

अगर कुछ बनना है तो गुलाब बनो,
क्यों की ये फूल उसके हाथ में भी खुशबू छोड़ देता है,
जो इसे मसल कर फेक देता है,

माना कि बहुत ख़ास हूँ मैं कुछ लोगो के लिए
लेकिन चन्द लम्हों से ज्यादा कोई ना रोयेगा मेरे गुजर जाने के बाद

नाराज़ क्यों होते हो यार चले जायेंगे तेरी महफ़िल से
जहाँ कोई जान के अनजान हो जाए वहाँ हम रुका करते भी नहीं!

नाम तो लिख दूँ उसका अपनी हर शायरी के साथ
मगर फिर ख्याल आता है मासूम सा है सनम मेरा कहीं बदनाम ना हों जाये…

अगर किसी दिन तुम्हे रोना आये तो कॉल जरूर कर लेना
हँसाने की गारंटी तो नही लेता पर तेरे साथ रोऊँगा जरूर
Er kasz

सुनो एक वादा करोगी मुझसे क्या तुम उन पलो को हमेशा संभाल के रखोगी

जिन पलो में तुम मेरे साथ मुस्कुराई थी

पूछते हैं सब लोग तुम इतनी अच्छी शायरी कैसे करते हो ,,
तो मुस्कुरा कर कहता हूँ सब कमाल उस जालिम के दर्द का है ....

ིइतना तो दर्द मुझे जिन्दगी तूने दिया ही नहीं था
जितना बदनाम मैने तूझे वाह वाहीया बटोरने के लिए कर दिया
er kasz

अगर मेरी शायरियों से बुरा लगे तो बता देना दोस्तों
मैं दर्द बाँटने के लिए लिखता हूँ दर्द देने के लिए नही
Er kasz

अपनी आदतों के अनुसार चलने में, इतनी गलतियाँ नहीं होती हैं
जितनी दुनिया का लिहाज रखकर चलने में होती हैं
Er kasz

उसका वादा भी अजीब था कि जिन्दगी भर साथ निभायेंगे
मैंने भी ये नहीं पुछा की मोहब्बत के साथ या यादों के साथ
Er kasz

मेरी मुस्कराहटें इस कदर जो तुमको चुभ रही है
देख लेना एक दिन रो पड़ोगे मेरी खामोसी जब तुम्हारा इम्तहा लेगी

यही हालात इब्तदा से रहे लोग हमसे ख़फ़ा ख़फ़ा से रहे
बेवफ़ा तुम कभी न थे लेकिन ये भी सच है कि बेवफ़ा से रहे
er kasz

लोग पूछते है इतनी शायरी कैसे कर लेते हो
मै कहेता हु इतना आसान नहीं दिल तोड़ना पड़ता है शब्दो को जोडने के लिय