अपनों से अच्छा तो गम है..
साथ ही नहीं छोड़ता

छोड़ दिया यारो किस्मत की लकीरों पर यकीन करना
जब लोग बदल सकते हैं तो किस्मत क्या चीज़ है

बिछड़ने वाले तेरे लिए एक मशवरा है
कभी हमारा ख्याल आए तो अपना ख्याल रखना

मोहब्बतें अधूरी रह जाती है
तभी तो शायरियां पूरी होती है

तुमने मुझे छोड़ कर किसी और का हाथ तो थाम लिया है
मगर ये याद रखना हर शक्स मोहब्बत नहीं करता

कुछ तो रहम कर ऐ संग दिल सनम
इतना तड़पना तो लकीरो में भी न था

अपना वजूद मत बताओ हमें साहिब
हम झाँक कर दिलों की गहराई जान लेते हैं
Er kasz

ये जो तुम्हारा पलट के देखना और
फिर अचानक से नजरे घुमा लेना भी हिट एंड रन का ही केस है

बेकार है शायरी दर्द के बिना
दर्द ही रंग भरता है गजल में

मुझे हीर रांझा की कहानियां मत सुना
ए इश्क़
सीधा सीधा बोल के मेरी जान चाहिए.

Kya rabta kisi ki judaai se mera
Bharta hi nahin dil kabhi tanhai se mera

दिल सुलगता है तो धुआं क्यों नहीं उठता
क्यों वो आग अक्सर आसुओं में बह जाती है

सच ही कहा था किसी ने तनहा जीना सीख
मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो तनहा छोड़ जाती है

🌹राख में भी नहीं जीने देते
चैन से लोग.......
दो दिन बाद आकर
वहाँ से भी आधा ले जाते है.।🌹

ज़िन्दगी में अगर कोई अच्छा लगे तो ,
उसे सिर्फ चाहना, प्यार मत करना..
क्योकि प्यार ख़त्म हो जाता है
लेकिन चाहत कभी ख़त्म नहीं होती....