ऐसा नहीं कि दिल में तेरी तस्वीर नहीं थी

पर हाथो में तेरे नाम की लकीर नहीं थी

अजीब मजाक करती हैं यह नौकरी काम मजदूरों वाले कराती हैं
और लोग साहब कहकर बुलाते हैं
Er kasz

Shayad Isiliye main Nakaam Rahi Aksar
Cheez jo maangi sab se juda maangi

Bharosa Dua Wafa Khawab Maan Mohabbat
Kitne Naam on Mein Simte Ho Sirf Ek Tum

Tukde pade the raah me kisi haseen si tasveer ke
Lagta hai aaj koi deewana samajhdar ho gaya

Tanhayi Ke Aatishdaan Me Main Lakri Ki Tarah Jalta Tha
Tere Saath Tere Hamraahi Mere Saath Mera Rasta Tha

मेरा रब भी रूठा है मुझसे शायद
मैं तुझे मांगू भी तो किससे
Er kasz

हम हैं तुम्हारे तबस्सुम के मालिक
खबरदार जो देखा कहीं और हंस के

बहुत नजदीक से गुजरे वो बेखबर बनकर
कल तलक साथ थे जो मेरे हमसफर बनकर

मंजिल का नाराज होना भी जायज था
हम भी तो अजनबी राहों से दिल लगा बैठे थे

शिकस्त पर शिकस्त दिये जा रही है ज़िन्दगी
जाने किस राह लिये जा रही है ज़िन्दगी

उदास दिल है मगर मिलता हूँ हर एक से हंस कर
यही एक फन सीखा है बहुत कुछ खो देने के बाद

तुम्हारी वेबफाई ने जीते जी मार डाला
हंसती हुई मेरी जिंदगी को यूं बेजार कर डाला

मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना,
कभी बात करने की हसरत
कभी देखने की तमन्ना...❗❗

तू एकबार मेरी निगाहो मे देख कर कह दे कि हम
तेरे काबिल नहीं कसम तेरी चलती साँसो की हम तुझे देखना तक छोङ देँगेँ