बहुत नजदीक से गुजरे वो बेखबर बनकर
कल तलक साथ थे जो मेरे हमसफर बनकर

खफा नहीं हूँ तुझसे ए जिंदगी
बस जरा दिल लगा बैठा हूँ इन उदासियों से

गुनाह मुझे मेरे सामने गिनवा दो
बस जब कफ़न में छुप जाऊ तो बुरा न कहना

जिस घाव से खून नहीं निकलता
समज लेना वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है

तुझको भूलूँ कोशिश करके देखूंगा
वैसे दरिया उल्टा बहना मुश्किल है

मेरी जिन्दगी का खेल तो शतरंज से भी मजेदार निकला
मै हारा भी तो अपने ही रानी से

तुम्हारी वेबफाई ने जीते जी मार डाला
हंसती हुई मेरी जिंदगी को यूं बेजार कर डाला

खो जाआे मुझ में तो मालूम हो कि दर्द क्या है
ये वो किस्सा है दो ज़ुबान से बयां नहीं होता

अजीब मजाक करती हैं यह नौकरी काम मजदूरों वाले कराती हैं
और लोग साहब कहकर बुलाते हैं
Er kasz

याद आयेगी मेरी तो बीते कल को पलट लेना
यूँ ही किसी पन्ने में मुस्कुराता हुआ मिल जाऊंगा
Er kasz

☄मेरे अलावा किसी और को अपना इश्क़ बना कर देख ले..
तेरी हर धड़कन कहेगी उसकी वफ़ा मैं कुछ और बात थी !! ☄ er kasz

बरबाद कर देती है मोहब्बत हर मोहब्बत करने वाले को,
क्यूकि इश्क़ हार नही मानता और दिल बात नही मानता....

कदर करलो उनकी जो तुमसे बिना मतलब की चाहत करते है
दुनिया में ख्याल रखने वाले कम और तकलीफ देने वाले ज्यादा होते है

मैंने दिल के दरवाजे पर लिखा अंदर आना सख्त मना है
प्यार हँसता हुआ आया और बड़ी मासूमियत से बोला मुझे माफ करना मैं तो अन्धा हूँ

क्या करोगे ये जानकर कि कितना प्यार करते हैं तुमसे
बस इतना जान लो कि वो नम्बर तुम्हारा ही था जो मुझसे पहली बार याद हो पाया था
Er kasz