कोई दावत तो उसे दे आए जाकर जनाज़े में मेरे शरीक़ होने की
आखिरी सफर में ही सही हमसफ़र बनाने की आरज़ू तो पूरी हो

अच्छे के साथ अच्छे रहे लेकिन बुरे के साथ बुरे नहीं बने
क्योंकि पानी से खून साफ कर सकते है लेकिन खून से खून नहीं

आज आईने के सामने खड़े होकर खुद से माफ़ी मांग ली मैंने ...
सबसे ज़्यादा खुद का ही दिल दुखाया है औरों को खुश करने में ...

वो कहती हैं तुम छोड क्यों नही जाते,इतनी तकलीफ देती हुं तो
मैंने कहा साँस लेने में उलझन आए तो क्या जीना हीं छोड दुं

मुझे मालूम है कि ये ख़्वाब झूठे हैं और ख़्वाहिशे अधूरी हैं
मगर जिंदा रहने के लिए कुछ ऐसी ग़लतफ़हमियाँ जरूरी हैं

वो वाकिफ है मेरी बुज़दिली से इसी लिये ये सितम करता है
वो जानता है मौत से ये शक्स डरता नही पर उसके दूर जाने से डरता है

‪#‎वो‬ तो ‪अपनी‬ एक ‪#‎आदत‬ को ‪#‎भी‬ ना ‪#‎बदल‬ सका,
....
.....
.........‪#‎जाने‬ क्यूँ मैंने ‪#‎उसके‬ लिए अपनी ‪#‎जिंदगी‬ बदल ‪#‎डाली‬ ! Er kasz

हमे क्या पता था की मोहब्बत की राहों में गम ही गम मिलते हैं
ऐ सनम अगर हमे पता होता तो हम यु अपनी ज़िन्दगी तुम्हारे नाम न करते

मेरी मोहोब्बत को ठुकरा दे चाहे,
मैं कोई तुज़से ना शिकवा करुन्गा,
आंखो मे रेहती है तस्वीर तेरी,
सारी उमर तेरी पूजा करुन्गा...

कहते हैं की जब कोई किसी को बहुत याद करता हैं तो तारा टूट कर
गिरता हैं
एक दिन सारा आसमान ख़ाली हो जायेगा ओंर इल्जाम मुझ पर आएगा

क्या करोगे ये जानकर कि कितना प्यार करते हैं तुमसे
बस इतना जान लो कि वो नम्बर तुम्हारा ही था जो मुझसे पहली बार याद हो पाया था
Er kasz

प्यार तो जिंन्दगी को सजाने के लिए है पर जिंन्दगी बस दर्द बढ़ाने के लिए है
मेरे अंदर की उदासी काश कोई पढ़ पाता ये हसता हुआ चेहरा तो सिर्फ दिखने के लिए है

ज़रूरी नहीं कि जीने का कोई सहारा हो,
ज़रूरी नहीं कि जिसके हम हों वो भी हमारा हो,
कुछ कश्तियाँ डूब जाया करती हैं,
ज़रूरी नहीं कि हर कश्ती के नसीब में किनारा हो