🌹राख में भी नहीं जीने देते
चैन से लोग.......
दो दिन बाद आकर
वहाँ से भी आधा ले जाते है.।🌹

कुछ तो रहम कर ऐ संग दिल सनम
इतना तड़पना तो लकीरो में भी न था

गलतफहमी में जिंदगी गुजार दी
कभी हम नहीं समझे कभी तुम नहीं समझे

सच ही कहा था किसी ने तनहा जीना सीख
मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो तनहा छोड़ जाती है

पता नहीं क्या रिश्ता था टहनी से उस पंछी का
उसके उड़ जाने पर वो कितनी देर कांपती रही

Kya rabta kisi ki judaai se mera
Bharta hi nahin dil kabhi tanhai se mera

Us Ki Jeet Se Hoti Hai Khushi Mujh Ko
Yahi Jawab Mare Paas Apni Haar Ka Tha

Meri subha udas hai aur sham meri tanha si
Kya kasoor tha mera sirf tujhse mohbbat ke siwa

तजुर्बे ने एक बात सिखाई है
एक नया दर्द ही पुराने दर्द की दवाई है

ना हाथ थाम सके ना पकड़ सके दामन
बेहद ही करीब से गुजर कर बिछड़ गया कोई

चाँद सा मुखड़ा दिखाकर मुँह छिपाना छोड़ दो
लगाकर दिल हटा लेना जुल्म ढाना छोड़ दो

ये जो तुम्हारा पलट के देखना और
फिर अचानक से नजरे घुमा लेना भी हिट एंड रन का ही केस है

मत पूछो कैसे गुजरता है हर पल तुम्हारे बिना
कभी बात करने की हसरत कभी देखने की तमन्ना

Aagaz e Ishq bhi Khub tha Ghalib kya kahun
Pehle to thi dil lagi phr dil ko ja lagi

Wo aaj karta nazar andaaz to bura na maan
Toot kar chahne walon ko rulana RIWAJ hai iss duniya ka