kya khoob wfa milli
Ghar unka bsate -bsate hum sarhk pe aa gye.

मैं कोई छोटी सी कहानी नहीं था
बस पन्ने ही जल्दी पलट दिए तुम नें

बदल जाती है ज़िन्दगी की सच्चाई उस वक़्त,
जब कोई तुम्हारा तुम्हारे सामने किसी और का हो जाता है.

फुरसत अगर मिले तो मुझे पड़ना जरूर
मै नायाब उलझनों की मुकम्मल किताब हूं

हमें पता है तुम कहीं और के मुसाफिर हो
हमारा शहर तो बस यूँ ही रास्ते में आया था

कोई खास फर्क नहीं पड़ता अब ख़्वाहिशें अधूरी रहने पर
ए दोस्तो
बहुत करीब से कुछ सपनों को टूटते हुये देखा है मैंने

ज़मीर हमसे बेचा न गया
वरना शाम तक अमीर हो जाते

किस्मत एक ऐसी तवायफ है
जो हर किसी के लिए नहीं नाचती...!!!

मैं उस किताब का आखिरी पन्ना था
मैं न होता तो कहानी खत्म न होती

मत पूछ कि, मेरा कारोबार क्या है...!!. मुहब्बत की दुकान है, नफ़रत के बाज़ार में....!

मै उस रात के बाद कभी उठा ही नही
जिस रात तुमने कहा था सुबह होते ही मुझे भूल जाना

tum mujhe tut k chahoge choad jaoge
mujhe malum hai tumhe yeh kla bhi aati hai

Aaj bhi isi soch mein gum hai ungliyaan meri
Ke Naya haath usne thama kaise hoga

रहता तो नशा तेरी यादों का ही है

कोई पूछे तो कह देता हुँ पी रखी है

ए खुदा तु ही मेरा इन्साफ़ कर दे
अगर दुरिया ही देनी थी तो मिलाया ही क्यो