दिल भी आज मुझे ये कह कर डरा रहा है
करो याद उसे वरना मै भी धडकना छोड़ दूंगा

ये जो डूबी हैं मेरी आँखें अश्कों के दरिया में
ये मिट्टी के पुतलों पर भरोसे की सजा है

तुम मेरी बातों का जवाब नहीं देते तो कोई बात नहीं
मेरी क़ब्र पर जब आओगे तो हम भी ऐसा ही करेंगे

आज किसी ने ये बात कहके दिल मेरा तोड़ दिया
की तू इतराना छोड़ दे लोग तेरे नहीं तेरी शायरी के दीवाने है

शीशे के घरों में देखो तो पत्थर दिल वाले बसते हैं
जो प्यार को खेल समझते हैं और तोड़ के दिल को हँसते हैं

Dilasa Dete Hain Log, Ki Yun Har Waqt Na Roya Karo
Main Kaise Bataun Ki Kuch Dard Sehne Ke Qabil Nahi Hote

दुश्मनी में भी दोस्ती का सिलसिला रहने दिया
उसके सारे खत जलाए और पता रहने दिया

उस्ताद ए इश्क सच कहा तूने बहुत नालायक हूँ मै
मुद्दत से इक शख्स को अपना बनाना नही आया

मोहब्बत यूँ ही किसी से हुआ नहीं करती
अपना वजूद भूलाना पडता है किसी को अपना बनाने के लिए

एक लम्हें में ही दम तोड़ गये सारे अहसास ए अल्फाज़
जब उसने कहा हाँ तुम अच्छे तो लगते हो पर तुमसे मोहब्बत नहीं है

Mere dard ki tu intha na puch
Dard bhi hairan hai Ab dard du to kis bat pe du
er kasz

मिले अगर मेरा हमदम तो उनसे इतना केह देना
बिना तेरी मोहब्बत के वो पागल जी नही सकता

मुझे तो पहले से ही मैगी पर शक था
एक तो फीमेल औऱ दो मिनट में तैयार कुछ गड़बड़ ज़रूर है

अच्छा हुआ जो तुमने तोड़ दिया गुस्ताख दिल को,
कमबख्त मुझसे ज़्यादा तुझसे प्यार करता था .

वो मुझसे दूर रहकर अगर खुश है तो खूश रहने दो उसे
मुझे वैसे भी उसकी चाहत से ज़्यादा मुस्कुराहटपसंद है
er kasz