ए खुदा तुझे इश्क का वास्ता
या यार दे या मार दे

तु बदली तो मजबूरियाँ थी
मै बदला तो बेवफ़ा हो गया

सुकून गिरवी है उसके पास मोहब्बत क़र्ज़ ली थी जिससे।

मोहब्बत ज़िन्दगी बदल देती है
मिल जाए तब भी ना मिले तब भी

दर्द लिखते रहे आह भरते रहे
लोग पढते रहे वाह वाह करते रहे

कुछ घडी कुछ पल का प्यार था
वो झूठ बोल रहा था और मुझे ऐतबार था

रात बीत गई तेरी बाहो मे
मै ढुढता रहा तुझको अपनी बाहो में ...❗❗

बिछड़ के तुमसे मैं ज़िन्दा रहूँ
मुमकिन नही ये ज़माना लाख कहे ऐतबार मत करना

रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की
ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी

जिंदगी की उलझनों ने हमारी शरारते कम कर दी
और लोग समझने लगे की हम समझदार हो गए !!

वो जो बन के दुश्मन मुझे जीतने को निकले थे
कर लेते अगर मोहब्बत मैं खुद ही हार जाता

वो लफ्ज कहां से लाऊं जो तेरे दिल को मोम कर दें;
मेरा वजूद पिघल रहा है तेरी बेरूखी से.

मंज़िलों से गुमराह भी ,कर देते हैं कुछ लोग ।।
हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं होता !!Er kasz

किस्मत की किताब तो खूब लिखी थी मेरी खुदा ने
बस वही पन्ना गुम था जिसमे मोहब्बत का ज़िक्र था

हारना तब आवश्यक हो जाता हैं जब लड़ाई अपनों से हो
और जीतना तब आवश्यक हो जाता हैं जब लड़ाई अपने आप से हो
Er kasz