वो दिल ही क्या जो तेरे मिलने की दुआ न करे; मैं तुझ को भूल कर ज़िंदा रहूँ ऐसा ख़ुदा न करे; रहे तेरा साथ ज़िन्दगी भर के लिए; बस इसी दुआ के साथ ये ज़िन्दगी कटती रहे शुभ रात्रि!

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