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Birthday Shayari
ठान लिया था कि अब और
ठान लिया था कि अब और
ठान लिया था कि अब और नहीं लिखेंगे
पर उन्हें देखा और अल्फ़ाज़ बग़ावत कर बैठे
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दर्द कुछ समय के लिए रहता
व्यक्ति अपने कर्मों से महान होता
खुद की तुलना ज्यादा भाग्यशाली लोगों
वो हमको पत्थर और खुद को
अच्छी शुरुआत से आधा काम हो
मैं अकेली हूँ पर मैं हूँ।
आदमी का सबसे अच्छा अधिकार उसकी
तमाम उम्र चले उनके साथ हमसफर
स्वयं को कभी कमजोर साबित मत
पहले हर अच्छी बात का मजाक
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