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Dard Shayari
रूह के रिश्तों की ये गहराईयाँ
रूह के रिश्तों की ये गहराईयाँ
रूह के रिश्तों की ये गहराईयाँ तो देखिये
चोट लगती है हमें और चिल्लाते हैं माँ
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