Home
Aapka Swagat Hai
Shayari Bazar
Mai
Toggle navigation
Menu
English
Punjabi
Hindi
Urdu
Haryanvi
Two-lines
Riddles
Sms
Facebook Status
Jokes
Quotes
Catholic
Home
Hindi
Taarif Shayari
न कोई इल्ज़ाम न कोई तंज़
न कोई इल्ज़ाम न कोई तंज़
न कोई इल्ज़ाम न कोई तंज़ न कोई रुस्वाई मीर; दिन बहुत हो गए यारों ने कोई इनायत नहीं की।
Like
(
1
)
Dislike
(
0
)
Share
Related Post
सदियों से जागी आँखों को एक
एक पल का एहसास बन कर
हम ही में थी न कोई
कुदरत के इन हसीन नज़ारों का
तेरे होते हुए भी तन्हाई मिली;
टूट जाते हैं सभी रिश्ते मगर;
बस इतने में ही कश्ती डुबा
ग़म में हँसने वालों को कभी
टूटे हुए सपनो और छुटे हुए
प्यार करने वालों की किस्मत बुरी
Your Comment
Login
Your Comment