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Jeoulousy Shayari
चार और चार मिलकर कब आठ
चार और चार मिलकर कब आठ
चार और चार मिलकर कब आठ से ज्यादा बनते हैं?
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ऊँठ की बैठक हिरन की चाल;
अगर आपकी माँ की भाई का
दुनिया में ऐसी कोई जगह नहीं
ऊपर भी ले जाने वाली नीचे
आना जाना उसको भाए; जिस घर
जब मैं लम्बी होती हूँ तो
बिन बुलाये रात को आते हैं
एक थाल उल्टा है पड़ा; चमकते
मैं हूँ तो एक ही जगह
प्रथम कटे तो दर हो जाऊं;
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