प्यार के स्पर्श से हर कोई कवि बन जाता है।

कौन समझ पाया है आज तक हमें
हम अपने हादसों के इकलौते गवाह है

जो उनकी आँखों से बयां होते है
वो लफ्ज़ किताबो में कहाँ होते है

जो ना समझ है वो ही मोहब्बत करता है
वो मोहब्बत ही क्या जो समझ में आ जाए

बहुत गुमान है तुझे नाम पर अपने मगर
उससे कहीं ज्यादा है कीमत मेरे ईमान की

रिश्ते अगर बढ़ जाये हद से तो ग़म मिलते है
इसलिए आजकल हम हर शख्स से कम मिलते है

मेरी बहादुरी के किस्से मशहुर थे शहर में
तुझे खो देने के डर ने कायर बना दिया

तलवार कि धार से ज्यादा हमारी जुबान चलति हें
मौत का ख्वाब क्या दिखाता हे वो तो खुद हमसे डरती हे

बेशक तुम्हें गुस्सा करने का हक है मुझपे
पर नाराजगी मेँ ये मत भुल जाना की हम बहुत प्यार करते हैं तुमसे

जिंदा रहने के लिए तेरी कसम
एक मुलाकात जरूरी है सनम

​सच्चा प्रेम भूत की तरह है​ चर्चा उसकी सब करते हैं देखा किसी ने नहीं।

साँसों का टूट जाना तो आम बात है दोस्तों
जहाँ अपने बदल जाये मौत तो उसे कहते है

गुजर गया वो वक़्त जब तेरी हसरत थी मुझे
अब तू खुदा भी बन जाये तो भी तेरा सजदा ना करू

हम दोस्ती करते है तो अफसाने लिखे जाते है
और दुश्मनी करते है तो तारीखे लिखी जाती है

सूरज आग उगलता है सहना धरती को पड़ता है
मोह्हबत निगाहे कराती है सहेना दिल को पड़ता है