बहुत गुमान है तुझे नाम पर अपने मगर
उससे कहीं ज्यादा है कीमत मेरे ईमान की

ना जीने का शौक है मरने की तलब रखते हैं
दीवाने हैं हम दीवानगी गजब रखते हैं

तनहाई में फरियाद तो कर सकता हूँ वीराने को आबाद कर सकता हूँ
जब चाहूँ तुम्हे मिल नहीं सकता लेकिन जब चाहूँ तुम्हे याद कर सकता हूँ

कभी खुशी की आशा, कभी गम की निराशा कभी खुशियों की धूप, कभी हक़ीक़त की छाया
कुछ खोकर कुछ पाने की आशा शायद यही है ज़िंदगी की सही परिभाषा

नमक की तरह हो गयी है जिंदगी
लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं

वो अपनी गली की रानी होने का गरूर करती है...नादान!
ये नहीँ जानती कि हम उसी शहर के बादशाह है....
=RPS

प्रेमी: तुम शादी के बाद अपने लिये नया घर तो नहीं मांगोगी? प्रेमिका: नहीं मैं ऐसी लड़की नहीं हूँ तुम अपनी माँ को अलग घर दिला देना!

सपना कभी साकार नहीं होता
मोहब्बत का कोई आकार नहीं होता
सब कुछ हो जाता है इस दुनियां में
मगर दोबारा किसी से प्यार नहीं होता

सुहाना मौसम और हवा में नमी होगी; आँसुओं की बहती नदी थमी होगी; मिलना तो हम तब भी चाहेंगे आपसे; जब आपके पास वक़्त और हमारे पास साँसों की कमी होगी।

कोई ना दे हमें खुश रहने की दुआ तो भी कोई बात नहीं
वैसे भी हम खुशियाँ रखते नहीं बाँट दिया करते हैं

डूबना है तो समुद्र में जा के डुबो; किनारों पर क्या रखा है; प्यार करना है तो बाहों में आ के करो; किनारों पर क्या रखा है।

चाँद ने की होगी सूरज से महोब्बत इसलिए तो चाँद मैं दाग है
मुमकिन है चाँद से हुई होगी बेवफ़ाई इसलिए तो सूरज मैं आग है

रानी की ख्वाइश पूरी करने की भी बादशाह की एक हद होती है
अपनी रानी पर सबकुछ लूटा दे तो वो बादशाह नहीं बेगम का गुलाम कहलाता है

दुनिया की सबसे अच्छी महक उस इंसान की होती है जिससे आप प्यार करते हैं।

माना की तु किसी बेगम से कम नही
but तेरी baat में तब तक dum नहीं
जब तक तेरे बादशाह हम नहीं