जो बीत गया है वो अब दौर ना आएगा
इस दिल में सिवा तेरे कोई और ना आएगा

माना की तु किसी बेगम से कम नही
but तेरी baat में तब तक dum नहीं
जब तक तेरे बादशाह हम नहीं

दिल मजबूर हो रहा है तुम से बात करने को
बस ज़िद ये है कि इस सिलसिले का आग़ाज़ तुम करो

मुझे न सताओ इतना कि मैं रूठ जांऊ तुमसे! मुझे अच्छा नहीं लगता अपनी साँसों से जुदा होना!

हमारी सोच और लोगो कि सोच मे बस ईतना हि फर्क हे के
वो सरकारी आदमी बनना चाहते हे और हम सरकार

मेरी काबिलियत को तुम क्या परखोगे ए गालिब
इतनी छोटी सी उमर मेँ ही लाखो दुश्मन बना रखे हैं

तुमने कहा था हर शाम तेरे साथ गुजारेगे,
तुम बदल चुके हो या फिर तेरे शहर में शाम ही नहीं होती?

मेरा हर लम्हा चुराया आपने; आँखों को एक ख्वाब देखाया आपने; हमें ज़िन्दगी दी किसी और ने; पर प्यार में जीना सिखाया आपने!

गंगा सागर से मिल कर बोली मुझे अपने में समाते तो फिर सागर कहलाते हो? सागर बोला अपने आंसुओं को दूर तक बरसाया है तब जाकर तुझको पाया है!

प्रेमी प्रेमिका को शादी के लिये मना करता हुआ! प्रेमी: भगवान् के लिये कुछ दिन रुक जाओ! मैं तुम्हें कुछ बन के दिखाऊंगा! प्रेमिका: तुम कुछ बनो न बनो पर मैं तुम्हारे बच्चे की माँ जरुर बन के दिखाउंगी!

मुस्कान प्रेम की भाषा है।

प्यार एक गंभीर मानसिक रोग है।

हर महान प्यार एक महान कहानी के साथ शुरू होता है।

सिकंदर तो हम अपनी मर्जी से हें,
पर हम दुनिया नहीं दिल जीतने आये हें..

ये तेरा मेरा रिश्ता भी वेल्डिंग की तरह है
दोनों खूब जलते हैं जुड़ने के लिए