सुहाना मौसम और हवा में नमी होगी; आँसुओं की बहती नदी थमी होगी; मिलना तो हम तब भी चाहेंगे आपसे; जब आपके पास वक़्त और हमारे पास साँसों की कमी होगी।

जो बीत गया है वो अब दौर ना आएगा
इस दिल में सिवा तेरे कोई और ना आएगा

साँसों का टूट जाना तो आम बात है दोस्तों
जहाँ अपने बदल जाये मौत तो उसे कहते है

गुजर गया वो वक़्त जब तेरी हसरत थी मुझे
अब तू खुदा भी बन जाये तो भी तेरा सजदा ना करू

हम दोस्ती करते है तो अफसाने लिखे जाते है
और दुश्मनी करते है तो तारीखे लिखी जाती है

सूरज आग उगलता है सहना धरती को पड़ता है
मोह्हबत निगाहे कराती है सहेना दिल को पड़ता है

इंसान की फितरत को समझते हैं ये परिंदे,
कितनी भी मोहब्बत से बुलाना मगर पास नहीं आयेंगे

मुझे तलाश है एक रूह की जो मुझे दिल से प्यार करे
वरना जिस्म तो पैसो से भी मिल जाया करते है.

चाँद ने की होगी सूरज से महोब्बत इसलिए तो चाँद मैं दाग है
मुमकिन है चाँद से हुई होगी बेवफ़ाई इसलिए तो सूरज मैं आग है

प्यार की अनदेखी सूरत आप है
मेरी जिंदगी की ज़रूरत आप है
खूबसूरत तो फूल भी बहुत है
मगर मेरे लिए फूल से भी खूबसूरत आप है

उस पगली‬ को‬ क्या पता जिस मंदिर में वो मेरी मौत की दुआ मांगती है
उस मंदिर में मैने अपनी जान गिरवी पर रखी है उसे पाने के लिए

प्रेमी: तुम शादी के बाद अपने लिये नया घर तो नहीं मांगोगी? प्रेमिका: नहीं मैं ऐसी लड़की नहीं हूँ तुम अपनी माँ को अलग घर दिला देना!

गंगा सागर से मिल कर बोली मुझे अपने में समाते तो फिर सागर कहलाते हो? सागर बोला अपने आंसुओं को दूर तक बरसाया है तब जाकर तुझको पाया है!

कभी खुशी की आशा, कभी गम की निराशा कभी खुशियों की धूप, कभी हक़ीक़त की छाया
कुछ खोकर कुछ पाने की आशा शायद यही है ज़िंदगी की सही परिभाषा

ये तेरा मेरा रिश्ता भी वेल्डिंग की तरह है
दोनों खूब जलते हैं जुड़ने के लिए