बरबाद कर दिया हमें परदेस ने मगर;माँ सबसे कह रही है कि बेटा मज़े में है..

सुकून की बात मत कर ऐ ग़ालिब; बचपन वाला इतवार अब नहीं आता।

मेरा यही अंदाज इस जमाने को खलता है; कि इतना पीने के बाद भी सीधा कैसे चलता है!

कैसे करुं भरोसा गैरों के प्यार पर; यहाँ अपने ही मजा लेते हैं अपनों की हार पर।

रात क्या ढली सितारे चले गए; गैरों से क्या शिकायत जब हमारे चले गए; जीत सकते थे हम भी इश्क़ की बाज़ी; पर उनको जिताने की धुन में हम हारे चले गए।

आँख उठाकर भी न देखूँ जिससे मेरा दिल न मिले;​​ जबरन सबसे हाथ मिलाना मेरे बस की बात नहीं...

कदम कदम पे बहारों ने साथ छोड़ दिया; पड़ा जब वक़्त तब अपनों ने साथ छोड़ दिया; खायी थी कसम इन सितारों ने साथ देने की; सुबह होते देखा तो इन सितारों ने साथ छोड़ दिया।

Mera Dil Kaleja Kidney or Liver ho tum
Waqt bewaqt aaye Fever ho tum
Doob k mar jaye voh River ho tum
Mere life me ab Forever ho tum. Er kasz

फलक से चाँद उतारा गया; मेरी आस का एक सहारा गया! मैं दो बूँद पानी तरसती रही; मेरे होंठों से ज़हर गुज़ारा गया!

उसकी तलाश में निकलूं भी तो क्या फ़ायदा; वो बदल गया है खोया होता तो अलग बात होती।

यहाँ गमगीन मत होना कोई जो भूल जाए तो; यहाँ रब को भी सब वक़्त-ए-ज़रूरत याद करते हैं।

देश मेरा क्या बाजार हो गया है
पकड़ता हूँ जो तिरंगा हाथ में लोग पूछते हैं कितने का है
Er kasz

ज़िन्दगी में हमेशा नए लोग मिलेंगे; कहीं ज्यादा तो कहीं कम मिलेंगे; ऐतबार ज़रा सोच समझ कर करना; मुमकिन नहीं हर जगह तुम्हें हम मिलेंगे।

इतने कहाँ मशरूफ़ हो गए हो तुम; आजकल दिल तोड़ने भी नहीं आते!

जिस घाव से खून नहीं निकलता
समझ लेना वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है