दिलों में खोट जुबां से प्यार करते हैं; बहुत से लोग दुनिया में बस यही प्यार करते हैं।

तेरी महफ़िल से उठे तो किसी को खबर तक ना थी तेरा मुड़-मुड़कर देखना हमें बदनाम कर गया।

​मेरे बारे में अपनी सोच को थोड़ा बदलकर देख​;​ मुझसे भी बुरे हैं लोग तू घर से निकलकर देख​। ​

​​​दिल की किस्मत बदल न पाएगा​;​ बंधनो से निकल न पाएगा​;​ तुझको दुनिया के साथ चलना है​;​ ​तु मेरे साथ चल न पाएगा​।

अच्छा है डूब जाये सफीना हयात का; उम्मीदो-आरजूओं का साहिल नहीं रहा। अनुवाद: सफीना = नाव हयात = ज़िंदगी साहिल = किनारा

उल्फत में अक्सर ऐसा होता है; आँखे हंसती हैं और दिल रोता है; मानते हो तुम जिसे मंजिल अपनी; हमसफर उनका कोई और होता है!

ज़ख्म देने की आदत नहीं हमको; हम तो आज भी वो एह्साह रखते हैं; बदले-बदले तो आप हैं जनाब; हमारे आलावा सबको याद रखते हैं।

​मेरी वफाएं सभी लोग जानते हैं; उसकी जफ़ाएं सभी लोग जानते हैं; वो ही ना समझ पाए मेरी शायरी; दिल की सदाएं सभी लोग जानते है।

दस्तूर-ए-उल्फ़त वो निभाते नहीं हैं; जनाब महफ़िल में आते ही नहीं हैं; हम सजाते हैं महफ़िल हर शाम; एक वो हैं जो कभी तशरीफ़ लाते ही नहीं हैं!

कोई चला गया दूर तो क्या करें; कोई मिटा गया सब निशान तो क्या करें; याद आती है अब भी उनकी हमें हद से ज्यादा; मगर वो याद ना करें तो क्या करें।

मोहब्बत नहीं है कोई किताबों की बाते! समझोगे जब रो कर कुछ काटोगे रातें! जो चोरी हो गया तो पता चला दिल था हमारा! करते थे हम भी कभी किताबों की बाते!

हकीक़त कहो तो उनको ख्वाब लगता है; शिकायत करो तो उनको मजाक लगता है; कितनी शिद्दत से उन्हें याद करते हैं हम; और एक वो हैं जिन्हें ये सब इत्तेफाक लगता है।

इंतजार किस पल का किये जाते हो यारों; प्यासों के पास समंदर नही आने वाला; लगी है प्यास ​तो ​चलो रेत निचोड़ी जाए​;​ अपने हिस्से में समंदर नहीं आने वाला​।

चेहरों के लिए आईने कुर्बान किये हैं; इस शौक में अपने बड़े नुकसान किये हैं; महफ़िल में मुझे गालियाँ देकर है बहुत खुश; जिस शख्स पर मैंने बड़े एहसान किये हैं।

वो सो जाते हैं अकसर हमें याद किए बगैर; हमें नींद नहीं आती उनसे बात किए बगैर; कसूर उनका नहीं कसूर तो हमारा ही है; क्योंकि उन्हें चाहा भी तो उनकी इज़ाज़त लिए बगैर।